📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prateek Rungta from Delhi, India
शिक्षा
बेगूसराय के राजकीय अयोध्या शिवकुमारी आयुर्वेद महाविद्यालय में 38 सीटों पर प्रवेश खुला, NEET‑2026 सफल छात्रों को मिलेगा मौका
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 28 अग. 2026, 09:48 PM
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बिहार स्वास्थ्य विभाग ने बेगूसराय के राजकीय अयोध्या शिवकुमारी आयुर्वेद महाविद्यालय में 38 सीटों के लिए प्रवेश मंजूर कर दिया है, जिससे NEET‑2026 पास हुए छात्रों को नामांकन का अवसर मिलेगा।
बिहार स्वास्थ्य विभाग ने बेगूसराय के राजकीय अयोध्या शिवकुमारी आयुर्वेद महाविद्यालय में 38 सीटों के लिए प्रवेश को मंजूरी दे दी है, जिससे नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो सकेगा। यह मंजूरी विभाग द्वारा किए गए विस्तृत मूल्यांकन और कॉलेज प्रशासन के निरंतर प्रयासों के बाद दी गई है।
इन सीटों के लिए NEET‑2026 में सफल उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे वे बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) की पढ़ाई कर सकेंगे। यह सरकारी कॉलेज बिहार के आयुर्वेदिक शिक्षा नेटवर्क का हिस्सा है और जल्द ही आधिकारिक अधिसूचना के बाद नामांकन प्रक्रिया शुरू करेगा।
अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय राज्य में आयुर्वेदिक शिक्षा का विस्तार करने और योग्य चिकित्सकों की कमी को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इच्छुक छात्रों को आवेदन की अंतिम तिथि और आवश्यक दस्तावेज़ों की जानकारी के लिए कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
इस कदम से स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को भी लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि इस कॉलेज के स्नातक अक्सर बिहार के ग्रामीण और अर्ध-शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में सेवा देते हैं।
इन सीटों के लिए NEET‑2026 में सफल उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे वे बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) की पढ़ाई कर सकेंगे। यह सरकारी कॉलेज बिहार के आयुर्वेदिक शिक्षा नेटवर्क का हिस्सा है और जल्द ही आधिकारिक अधिसूचना के बाद नामांकन प्रक्रिया शुरू करेगा।
अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय राज्य में आयुर्वेदिक शिक्षा का विस्तार करने और योग्य चिकित्सकों की कमी को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इच्छुक छात्रों को आवेदन की अंतिम तिथि और आवश्यक दस्तावेज़ों की जानकारी के लिए कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
इस कदम से स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को भी लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि इस कॉलेज के स्नातक अक्सर बिहार के ग्रामीण और अर्ध-शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में सेवा देते हैं।