📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / A. J. T. Johnsingh, WWF-India and NCF
स्थानीय
कृष्णमृग रेस्क्यू अभियान में 378 हिरण कूनो नेशनल पार्क भेजे गए
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 15 अक्टू. 2026, 09:15 PM
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मध्य प्रदेश के वन विभाग ने शाजापुर‑सीहोर सीमा से 378 हिरण कूनो नेशनल पार्क भेजे, बोमा पद्धति से सुरक्षित रेस्क्यू किया।
शाजापुर‑सीहोर सीमावर्ती क्षेत्रों में शुरू किए गए कृष्णमृग रेस्क्यू अभियान के तहत अब तक 378 हिरण कूनो नेशनल पार्क भेजे जा चुके हैं। वन विभाग ने बोमा पद्धति अपनाई, जिसमें हिरणों को अस्थायी बाड़ से घेरकर बिना चोट के सुरक्षित रूप से पकड़ा जाता है।
इन हिरणों को कूनो में रखा गया है, जहाँ उन्हें भविष्य में भारतीय गैंडे के पुनर्वास के लिए संभावित आवास के रूप में तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम गाँवों में वन्यजीवों के साथ टकराव को कम करने और हिरणों की घटती जनसंख्या की सुरक्षा के लिए है।
विभाग ने निकटवर्ती वन क्षेत्रों में भी इसी मानवीय पद्धति से रेस्क्यू जारी रखने का इरादा जताया है, ताकि वन्यजीव और स्थानीय समुदाय दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इन हिरणों को कूनो में रखा गया है, जहाँ उन्हें भविष्य में भारतीय गैंडे के पुनर्वास के लिए संभावित आवास के रूप में तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम गाँवों में वन्यजीवों के साथ टकराव को कम करने और हिरणों की घटती जनसंख्या की सुरक्षा के लिए है।
विभाग ने निकटवर्ती वन क्षेत्रों में भी इसी मानवीय पद्धति से रेस्क्यू जारी रखने का इरादा जताया है, ताकि वन्यजीव और स्थानीय समुदाय दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।