📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / wittVikki from ranchi, India
विज्ञान
झारखंड में 3.5 अरब साल पुरानी सूक्ष्मजीवीय जीवाश्म की खोज
✍️ ETV Bharat
🗓 28 अग. 2026, 02:18 AM
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वैज्ञानिकों ने झारखंड की चट्टान में 3.5 अर्ब साल पुरानी सूक्ष्मजीवीय जीवाश्म की पहचान की, जो प्राचीन पृथ्वी के अध्ययन में महत्वपूर्ण कदम है।
झारखंड के एक प्रीकैंब्रीय शैल क्षेत्र में भूविज्ञानी और सूक्ष्मजीव वैज्ञानिकों की टीम ने 3.5 अर्ब साल पुरानी जीवाश्मीय सूक्ष्मजीव संरचनाओं की खोज की घोषणा की। यह नमूना राज्य में किए गए व्यवस्थित सर्वेक्षण के दौरान निकाला गया।
स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप और आय isotopic परीक्षणों से यह पता चला कि ये संरचनाएँ फिलामेंटस और कोकोइड आकार की हैं, जो प्राचीन सूक्ष्मजीव कॉलोनी से मेल खाती हैं। आसपास की चट्टान के रेडियोमेट्रिक डेटिंग से यह पुष्टि हुई कि शैलें आर्कीयन युग की हैं।
यह खोज पृथ्वी पर जीवन के ज्ञात सबसे पुराने प्रमाण को आगे बढ़ाती है और शुरुआती बायोस्फीयर की एक दुर्लभ झलक प्रदान करती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे प्रारंभिक वायुमंडलीय परिस्थितियों और मेटाबॉलिक पाथवे के विकास को समझने में मदद मिलेगी।
आगे के अनुसंधान में जीनोमिक बायोमार्कर निकालने और झारखंड के जीवाश्मों की अन्य महाद्वीपों के समान आयु के नमूनों से तुलना करने की योजना है। टीम इस वर्ष के अंत में विस्तृत परिणाम एक सहकर्मी‑समीक्षित जर्नल में प्रकाशित करने का इरादा रखती है।
स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप और आय isotopic परीक्षणों से यह पता चला कि ये संरचनाएँ फिलामेंटस और कोकोइड आकार की हैं, जो प्राचीन सूक्ष्मजीव कॉलोनी से मेल खाती हैं। आसपास की चट्टान के रेडियोमेट्रिक डेटिंग से यह पुष्टि हुई कि शैलें आर्कीयन युग की हैं।
यह खोज पृथ्वी पर जीवन के ज्ञात सबसे पुराने प्रमाण को आगे बढ़ाती है और शुरुआती बायोस्फीयर की एक दुर्लभ झलक प्रदान करती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे प्रारंभिक वायुमंडलीय परिस्थितियों और मेटाबॉलिक पाथवे के विकास को समझने में मदद मिलेगी।
आगे के अनुसंधान में जीनोमिक बायोमार्कर निकालने और झारखंड के जीवाश्मों की अन्य महाद्वीपों के समान आयु के नमूनों से तुलना करने की योजना है। टीम इस वर्ष के अंत में विस्तृत परिणाम एक सहकर्मी‑समीक्षित जर्नल में प्रकाशित करने का इरादा रखती है।