🔥 ट्रेंडिंग राजकीय नर्सेस संघ ने उत्तर प्रदेश के स... বিশ্বজুড়ে যত বড় সংকটই আসুক, আপনাদের... NEED24news मथुरा में संस्कृति विवि में गूंजा 'न र... पश्चिम बंगाल और असम ने रैमोना नेशनल पा... झारखंड के मंत्रियों और कार्यकर्ताओं ने...
31 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
राजनीति

33 वर्षों की सेवा के बाद सीनियर आईएएस शिखर अग्रवाल को एपीओ, 40 विला खरीदने के खुलासे के बाद कार्रवाई

✍️ रिपोर्टर: Vipin Singhal 🗓 30 अक्टू. 2026, 10:34 PM 👁 20
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

कार्मिक विभाग ने सीनियर आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल को एपीओ कर दिया है। दैनिक भास्कर के उस खुलासे के बाद यह कार्रवाई की गई, जिसमें उनके परिवार द्वारा 40 विला और कॉटेज खरीदे जाने की बात सामने आई थी।

सीनियर आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल को बुधवार देर रात एफ़िशियल ऑन ड्यूटी (एपीओ) कर दिया गया है। यह प्रशासनिक आदेश केवल एक सामान्य निर्देश नहीं है, बल्कि अधिकारी के करियर में पहली बार ऐसा हुआ है। अपनी 33 वर्षों की लंबी सेवा के दौरान उन्हें कभी एपीओ नहीं किया गया था, जिससे यह कार्रवाई विशेष महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

हालांकि कार्मिक विभाग के आदेश में एपीओ की वजह के रूप में 'प्रशासनिक कारण' लिखा गया है, लेकिन असली वजह दैनिक भास्कर द्वारा किया गया वह खुलासा माना जा रहा है। इस रिपोर्ट में सामने आया था कि अग्रवाल के परिवार ने पिछले 4.5 वर्षों में एक ही कंपनी से 40 विला और कॉटेज खरीदे हैं।

जब कोई उच्च पदस्थ अधिकारी उद्योग, निवेश और रीको जैसे संवेदनशील पदों पर कार्यरत हो और उसी अवधि में उसके परिवार की ओर से इतनी बड़ी प्रॉपर्टी डील हो जाए, तो यह मामला केवल निजी लेन-देन तक सीमित नहीं रह जाता। ऐसे में अधिकारी की पारदर्शिता और संपत्ति स्रोतों के इर्द-गिर्द सवाल उठना स्वाभाविक है।

अधिकारियों का मुख्य दायित्व जनता के हित की रक्षा करना होता है। यदि कोई अधिकारी अपने और अपने परिवार के निजी लाभ के लिए कदम उठाता है, तो सवाल उठना लाजमी है। यह प्रकरण केवल 40 विला की खरीद की बात नहीं है, बल्कि यह अधिकारियों की जिम्मेदारी और संपत्ति प्रबंधन से जुड़े गंभीर सवालों को उठाता है।
📲Get App