📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / White Cat
धर्म
खरगोने के बाकी माता मंदिर में 292 साल पुरानी गरबा परंपरा, पुरुष नाचते, महिलाएं गातीं
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 14 अक्टू. 2026, 04:01 PM
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नवरात्रि में खरगोने के बाकी माता मंदिर में 292 साल से पुरुष गरबा नाचते हैं, जबकि महिलाएं पुरानी धुनों पर गीत गाती हैं।
खरगोने के बाकी माता मंदिर में नवरात्रि के दौरान 292 साल पुरानी एक अनोखी परंपरा चल रही है, जिसमें पुरुष मंदिर के प्रांगण में पारंपरिक गरबा नृत्य करते हैं। यह रिवाज हर साल नौ रातों के उत्सव में किया जाता है, जबकि भक्त देवी को अर्पित पूजा में भाग लेते हैं।
इस प्रथा में पुरुष वृत्त बनाकर गरबा के तालबद्ध कदमों का अभ्यास करते हैं, जबकि महिलाएं चौपाल पर बैठकर पीढ़ियों से चली आ रही पुरानी धुनों पर गीत गाती हैं। यह भूमिका विभाजन क्षेत्र की लोक परम्पराओं में निहित लिंग आधारित प्रथा को दर्शाता है।
सांस्कृतिक विद्वानों का मानना है कि यह अनुष्ठान मध्य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र की लोक संस्कृति से जुड़ा है। नाच और गीत की निरंतरता समुदाय की अपनी अमूर्त विरासत को संरक्षित रखने की प्रतिबद्धता को उजागर करती है, जो औपनिवेशिक काल, स्वतंत्रता‑उपरांत बदलाव और आधुनिक मनोरंजन के प्रभावों के बावजूद जीवित है।
इस प्रथा में पुरुष वृत्त बनाकर गरबा के तालबद्ध कदमों का अभ्यास करते हैं, जबकि महिलाएं चौपाल पर बैठकर पीढ़ियों से चली आ रही पुरानी धुनों पर गीत गाती हैं। यह भूमिका विभाजन क्षेत्र की लोक परम्पराओं में निहित लिंग आधारित प्रथा को दर्शाता है।
सांस्कृतिक विद्वानों का मानना है कि यह अनुष्ठान मध्य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र की लोक संस्कृति से जुड़ा है। नाच और गीत की निरंतरता समुदाय की अपनी अमूर्त विरासत को संरक्षित रखने की प्रतिबद्धता को उजागर करती है, जो औपनिवेशिक काल, स्वतंत्रता‑उपरांत बदलाव और आधुनिक मनोरंजन के प्रभावों के बावजूद जीवित है।