25 बीघा में केंद्रीय विद्यालय: बॉर्डर के जैसिंधर गांव में शिक्षा का अनूठा मॉडल, आबादी 1600; जर्मनी के सहयोग से स्कूल
भारत-पाकिस्तान सीमा से सट े जैसिंधर स्टेशन गांव की आबादी महज 1600 है, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र मे ं इसकी पहचान खास है। वर्ष 2000 में जर्मन सरकार के सहयोग से देशभर में स्वीकृत 10 विशेष स्कूलों में से एक यहा ं स्थापित किया गया था। इसके बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में शिक्षा, कौशल विकास और विद्यार्थियों के लिए आवासीय सुविधाओ ं का विस्तार हुआ।
आज यहां केंद्रीय विद्यालय, आवासीय स्कूल, आईटीआई, पॉलीटेक्निक कॉलेज और छात्रावास जैसी सुविधाओं के लिए 112 करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट आ चुके हैं। सीमावर्ती क्षेत्र में शिक्षा का यह विस्तार ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए आग े बढ़न े के नए अवसर तैयार कर रहा है। जैसिंधर स्टेशन में शिक्षा के क्षेत्र मे ं सबस े बडा निवेश आवासीय विद्यालय के रूप मे ं हुआ है। वर्ष 2012-13 में स्वीकृत इस प्रोजेक्ट पर 32.25 करोड़ रुपए खर्च किए गए। 15 चरणों में तैयार इस परिसर में कक्षा 12वीं तक के 284 छात्र और 284 छात्राओं सहित कुल 568 विद्यार्थियों के रहने और पढ़न े की व्यवस्था है। परिसर में 124 कमरे बनाए गए हैं, जिनमें
आज यहां केंद्रीय विद्यालय, आवासीय स्कूल, आईटीआई, पॉलीटेक्निक कॉलेज और छात्रावास जैसी सुविधाओं के लिए 112 करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट आ चुके हैं। सीमावर्ती क्षेत्र में शिक्षा का यह विस्तार ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए आग े बढ़न े के नए अवसर तैयार कर रहा है। जैसिंधर स्टेशन में शिक्षा के क्षेत्र मे ं सबस े बडा निवेश आवासीय विद्यालय के रूप मे ं हुआ है। वर्ष 2012-13 में स्वीकृत इस प्रोजेक्ट पर 32.25 करोड़ रुपए खर्च किए गए। 15 चरणों में तैयार इस परिसर में कक्षा 12वीं तक के 284 छात्र और 284 छात्राओं सहित कुल 568 विद्यार्थियों के रहने और पढ़न े की व्यवस्था है। परिसर में 124 कमरे बनाए गए हैं, जिनमें