🔥 TRENDING India Launches New Incentives to Expan... Scientists develop enzyme that biodegr... NASA's Europa Clipper Advances on Long... Israel's LUPEX Lunar Mission Nears Fin... जयस ने पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन,... जालौन में एल्ड्रिच पब्लिक स्कूल और डिव...
16 Oct 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
23 साल पुराने मामले में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के खिलाफ बलिया कोर्ट से गैर-जमानती वारंट जारी
Crime

23 साल पुराने मामले में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के खिलाफ बलिया कोर्ट से गैर-जमानती वारंट जारी

✍️ Reporter: ANAND KUMAR PANDEY 🗓 16 Oct 2026, 04:12 PM 👁 8
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के खिलाफ बलिया की एक अदालत ने 23 साल पुराने एक मामले में गैर-जमानती वारंट जारी किया है। यह मामला तत्कालीन शहर कोतवाल के साथ कथित गाली-गलौज और मारपीट से संबंधित है।

बलिया की एक अदालत ने उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के खिलाफ 23 साल पुराने एक मामले में गैर-जमानती वारंट जारी किया है। यह वारंट मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) शैलेष पांडेय की अदालत ने तब जारी किया जब मंत्री अदालत में पेश नहीं हुए। मामला तत्कालीन शहर कोतवाल सर्वजीत शाही के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट से जुड़ा है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 4 दिसंबर 2003 को हुई थी। आरोप है कि उस दिन दयाशंकर सिंह अपने समर्थकों के साथ बलिया कोतवाली पहुंचे थे और तत्कालीन शहर कोतवाल सर्वजीत शाही के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार और मारपीट की थी। इसी मामले में सुनवाई के दौरान अदालत में अनुपस्थित रहने पर उनके खिलाफ यह गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है।

इस मामले में आरोपी एमएलसी रविशंकर सिंह पप्पू की गैरहाजिरी को अदालत ने माफ कर दिया है, क्योंकि उन्होंने पहले ही जमानत ले ली है।

यह पहली बार नहीं है जब परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के खिलाफ अदालत से वारंट जारी हुआ है। सितंबर 2025 में भी एक अन्य मामले में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। उस मामले में बलिया शहर के मालगोदाम के पास रास्ता अवरुद्ध करने, तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश का उल्लंघन करने और जाम लगाने के आरोप थे। उस समय अदालत में पेश नहीं होने पर दयाशंकर सिंह समेत 15 आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी करने का आदेश दिया गया था। दो अलग-अलग मामलों में वारंट जारी होने के कारण मंत्री दयाशंकर सिंह से जुड़े कानूनी मामले एक बार फिर चर्चा में हैं।
📲Get App