📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Election Commission of India
राजनीति
22 लाख पश्चिम बंगाल मतदाता चुनावी पंजीकरण से बाहर होने पर अपील दायर
✍️ thehindu.com
🗓 20 सित. 2026, 03:31 PM
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पश्चिम बंगाल में 22 लाख से अधिक मतदाताओं ने चुनावी पंजीकरण से बाहर होने पर अपील दायर की है, राज्य चुनावी आयोग के अनुसार।
राज्य चुनावी आयोग ने 22 लाख से अधिक मतदाताओं से अपीलें प्राप्त की हैं, जिन्हें चुनावी पंजीकरण से हटाया गया था। यह सूचि पहले ही जारी की जा चुकी थी, जिसके बाद प्रभावित मतदाता कानूनी रास्ते अपनाने लगे।
अपीलें संबंधित अदालतों में दायर की गई हैं, जिनमें हटाने के मानदंड पर सवाल उठाया गया है और पंजीकरण में नाम वापस जोड़ने का अनुरोध किया गया है। आयोग ने कहा है कि वह हर मामले की समीक्षा करेगा और यदि हटाना त्रुटिपूर्ण पाया गया तो नाम वापस जोड़ सकता है।
यह अपीलों की लहर आगामी विधानसभा चुनावों के पहले हो रही है, जिससे मतदाता दमन और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर चिंता बढ़ रही है। आयोग ने मतदाताओं को अपनी स्थिति की जाँच करने और आवश्यक दस्तावेज तुरंत जमा करने का आग्रह किया है।
विश्लेषकों का कहना है कि अपीलों की मात्रा पश्चिम बंगाल में मतदाता पंजीकरण की सटीकता से जुड़ी व्यापक समस्याओं को दर्शाती है। आयोग की प्रतिक्रिया राजनीतिक दलों और नागरिक समाज समूहों द्वारा बारीकी से देखी जाएगी।
कानूनी कार्यवाही में कई महीने लग सकते हैं, इस दौरान आयोग चुनावी पंजीकरण को अपडेट करता रहेगा और प्रभावित मतदाताओं को मार्गदर्शन देता रहेगा।
अपीलें संबंधित अदालतों में दायर की गई हैं, जिनमें हटाने के मानदंड पर सवाल उठाया गया है और पंजीकरण में नाम वापस जोड़ने का अनुरोध किया गया है। आयोग ने कहा है कि वह हर मामले की समीक्षा करेगा और यदि हटाना त्रुटिपूर्ण पाया गया तो नाम वापस जोड़ सकता है।
यह अपीलों की लहर आगामी विधानसभा चुनावों के पहले हो रही है, जिससे मतदाता दमन और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर चिंता बढ़ रही है। आयोग ने मतदाताओं को अपनी स्थिति की जाँच करने और आवश्यक दस्तावेज तुरंत जमा करने का आग्रह किया है।
विश्लेषकों का कहना है कि अपीलों की मात्रा पश्चिम बंगाल में मतदाता पंजीकरण की सटीकता से जुड़ी व्यापक समस्याओं को दर्शाती है। आयोग की प्रतिक्रिया राजनीतिक दलों और नागरिक समाज समूहों द्वारा बारीकी से देखी जाएगी।
कानूनी कार्यवाही में कई महीने लग सकते हैं, इस दौरान आयोग चुनावी पंजीकरण को अपडेट करता रहेगा और प्रभावित मतदाताओं को मार्गदर्शन देता रहेगा।