📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Civil Aviation
सरकारी योजना
UDAN योजना के तहत क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 21 समझौते हुए
✍️ nagalandpost.com
🗓 24 सित. 2026, 08:46 AM
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सरकार ने UDAN योजना के तहत क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए 21 समझौते किए, जिससे कम सेवा वाले हवाई अड्डों पर उड़ानों की संख्या बढ़ेगी।
नई दिल्ली – क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से, सिविल एविएशन मंत्रालय और सहयोगी एयरलाइनों ने UDAN (उड़ें देश का आम नागरिक) योजना के तहत 21 समझौते किए हैं। ये समझौते टियर‑2 और टियर‑3 शहरों को प्रमुख हब से जोड़ने वाले कई मार्गों को कवर करते हैं, जिससे हवाई यात्रा अधिक किफायती और सुलभ हो सके।
समझौतों को एक समारोह में औपचारिक रूप से अंतिम रूप दिया गया, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी, एयरलाइन प्रतिनिधि और राज्य परिवहन मंत्रियों ने भाग लिया। प्रत्येक समझौते में नई सेवाओं को शुरू करने के लिए आवश्यक उड़ान आवृत्ति, सब्सिडी और बुनियादी ढांचा समर्थन का विवरण दिया गया है।
UDAN ढांचे के तहत, सरकार उन एयरलाइनों को वित्तीय प्रोत्साहन देती है जो कम यात्रियों वाले मार्गों पर उड़ानें चलाती हैं। इन नए समझौतों से अगले 12 महीनों में 30 से अधिक नए मार्ग सक्रिय होने की उम्मीद है, जिससे कार्यरत हवाई अड्डों की संख्या बढ़ेगी और दूरस्थ क्षेत्रों में आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
विश्लेषकों का मानना है कि यह विस्तार भारत के हृदयस्थल को प्रमुख आर्थिक केंद्रों से जोड़ने, यात्रा समय घटाने और पर्यटन व व्यापार को बढ़ावा देने के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है। मंत्रालय ने इन मार्गों के प्रदर्शन की निगरानी करने और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त समर्थन प्रदान करने का संकल्प जताया है।
समझौतों को एक समारोह में औपचारिक रूप से अंतिम रूप दिया गया, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी, एयरलाइन प्रतिनिधि और राज्य परिवहन मंत्रियों ने भाग लिया। प्रत्येक समझौते में नई सेवाओं को शुरू करने के लिए आवश्यक उड़ान आवृत्ति, सब्सिडी और बुनियादी ढांचा समर्थन का विवरण दिया गया है।
UDAN ढांचे के तहत, सरकार उन एयरलाइनों को वित्तीय प्रोत्साहन देती है जो कम यात्रियों वाले मार्गों पर उड़ानें चलाती हैं। इन नए समझौतों से अगले 12 महीनों में 30 से अधिक नए मार्ग सक्रिय होने की उम्मीद है, जिससे कार्यरत हवाई अड्डों की संख्या बढ़ेगी और दूरस्थ क्षेत्रों में आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
विश्लेषकों का मानना है कि यह विस्तार भारत के हृदयस्थल को प्रमुख आर्थिक केंद्रों से जोड़ने, यात्रा समय घटाने और पर्यटन व व्यापार को बढ़ावा देने के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है। मंत्रालय ने इन मार्गों के प्रदर्शन की निगरानी करने और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त समर्थन प्रदान करने का संकल्प जताया है।