📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash Dwivedi
जीवनशैली
एआई युग में भी जीवित 209 साल पुरानी मिट्टी की मूर्तियों की परम्परा, मध्य प्रदेश के गांव में
✍️ Amar Ujala · Sagar
🗓 26 सित. 2026, 10:31 PM
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सागर जिले के एक गांव में कारीगर 209 साल पुरानी मिट्टी की मूर्तियों की परम्परा को जीवित रखे हुए हैं, जो एआई युग में भी लोक कला की मजबूती दर्शाती है।
मध्य प्रदेश के सागर जिले के एक दूरस्थ गांव में कारीगर दो सदी से अधिक पुरानी परम्परा को जारी रखे हैं। वे चमकीले रंगों से सजी मिट्टी की मूर्तियों को आकार देते हैं, जिन्हें गांव के त्यौहारों और सांस्कृतिक समारोहों में प्रदर्शित किया जाता है।
लगभग 1815 के आसपास शुरू हुई इस कला ने तकनीकी बदलावों, विशेषकर आज के एआई युग की लहर को भी झेला है। ग्रामीणों का मानना है कि इस काम की स्पर्शीय प्रकृति और सामुदायिक रीति‑रिवाज़ों में गहरी जड़ें इसे आज भी प्रासंगिक बनाती हैं।
नजदीकी शहरों और पर्यटकों के आगमन से कारीगरों को कुछ आर्थिक मदद मिलती है। स्थानीय अधिकारियों ने इस शिल्प को जीवित विरासत के रूप में पहचाना है, जो डिजिटल नवाचारों के बदलते परिदृश्य में भी क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को उजागर करता है।
लगभग 1815 के आसपास शुरू हुई इस कला ने तकनीकी बदलावों, विशेषकर आज के एआई युग की लहर को भी झेला है। ग्रामीणों का मानना है कि इस काम की स्पर्शीय प्रकृति और सामुदायिक रीति‑रिवाज़ों में गहरी जड़ें इसे आज भी प्रासंगिक बनाती हैं।
नजदीकी शहरों और पर्यटकों के आगमन से कारीगरों को कुछ आर्थिक मदद मिलती है। स्थानीय अधिकारियों ने इस शिल्प को जीवित विरासत के रूप में पहचाना है, जो डिजिटल नवाचारों के बदलते परिदृश्य में भी क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को उजागर करता है।