📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Narendra Modi
राजनीति
GDP विवाद के बीच 2018 का भाजपा सांसद का पत्र फिर सामने
✍️ India Today
🗓 04 सित. 2026, 05:02 AM
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एक भाजपा सांसद का 2018 का पत्र, जिसमें उन्होंने वरिष्ठ अधिकारी सुभाष गर्ग की निंदा की थी, जीडीपी आंकड़ों के विवाद के बीच फिर से सामने आया है।
समाचारों के अनुसार, 2018 में एक भाजपा सांसद द्वारा लिखा गया पत्र, जिसमें उन्होंने सुभाष गर्ग, जो आर्थिक आँकड़ों के निर्माण में शामिल वरिष्ठ अधिकारी हैं, की आलोचना की थी, अब जीडीपी आंकड़ों को लेकर सरकार को उठे सवालों के बीच फिर से सामने आया है। यह पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित था।
पत्र के पुनः उभरे होने का समय इस वर्ष जारी किए गए संशोधित जीडीपी आँकड़ों की शुद्धता को लेकर संसद और विश्लेषकों के बीच बढ़ते विवाद से मेल खाता है। विपक्षी दलों ने विस्तृत जांच की मांग की है, जबकि ruling party ने उपयोग की गई पद्धति का बचाव किया है।
सूत्रों के अनुसार, यह पत्र पहले अज्ञात रहा था और हालिया कवरेज ने इसे उजागर किया, जिससे ruling coalition के भीतर आर्थिक आँकड़ों के प्रबंधन को लेकर आंतरिक असहमति पर नई चर्चा शुरू हुई है। अभी तक सांसद या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं मिली है।
यह घटना जीडीपी विवाद में एक नया पहलू जोड़ती है, जहाँ पहले ही डेटा संग्रह प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और संभावित संशोधनों की मांग उठी है।
पत्र के पुनः उभरे होने का समय इस वर्ष जारी किए गए संशोधित जीडीपी आँकड़ों की शुद्धता को लेकर संसद और विश्लेषकों के बीच बढ़ते विवाद से मेल खाता है। विपक्षी दलों ने विस्तृत जांच की मांग की है, जबकि ruling party ने उपयोग की गई पद्धति का बचाव किया है।
सूत्रों के अनुसार, यह पत्र पहले अज्ञात रहा था और हालिया कवरेज ने इसे उजागर किया, जिससे ruling coalition के भीतर आर्थिक आँकड़ों के प्रबंधन को लेकर आंतरिक असहमति पर नई चर्चा शुरू हुई है। अभी तक सांसद या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं मिली है।
यह घटना जीडीपी विवाद में एक नया पहलू जोड़ती है, जहाँ पहले ही डेटा संग्रह प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और संभावित संशोधनों की मांग उठी है।