📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harsh4101991
अपराध
2002 में गांधीनगर के अक्षरधाम मंदिर पर हमला: 33 मृत, 24 साल बाद भी गुनहगार अज्ञात
✍️ Amar Ujala · Gujarat
🗓 24 सित. 2026, 08:15 AM
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24 सितंबर 2002 को गांधीनगर के स्वामी नारायण अक्षरधाम मंदिर पर हुए आतंकवादी हमले में 33 लोग मारे गए, जिसमें तीन जवान भी शामिल थे; 24 साल बीतने के बाद भी गुनहगार अभी तक नहीं पकड़े गए।
24 सितंबर 2002 को गुजरात के गांधीनगर में स्थित स्वामी नारायण अक्षरधाम मंदिर पर सशस्त्र आतंकियों ने एक संगठित हमला किया। उन्होंने आग और विस्फोटक उपकरणों से उपासकों की भीड़ पर प्रहार किया।
इस हमले में 33 लोगों की जान गई, जिसमें तीन राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) कमांडो भी शामिल थे। एनएसजी की ऑपरेशन वज्र शक्ति ने कई भक्तों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता पाई, परन्तु मौतों को रोकना संभव नहीं रहा।
आरोपियों के खिलाफ कई बार गिरफ्तारी हुई, परन्तु 24 साल बीतने के बाद भी कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला। सभी अभियुक्तों को अदालत ने बरी कर दिया, जिससे मामला अनसुलझा रह गया।
परिवार और नागरिक समाज अब भी इस मामले की पुनः जाँच की मांग कर रहे हैं, यह तर्क देते हुए कि दो दशकों बाद भी जिम्मेदारियों का पता नहीं चल पाया है।
इस हमले में 33 लोगों की जान गई, जिसमें तीन राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) कमांडो भी शामिल थे। एनएसजी की ऑपरेशन वज्र शक्ति ने कई भक्तों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता पाई, परन्तु मौतों को रोकना संभव नहीं रहा।
आरोपियों के खिलाफ कई बार गिरफ्तारी हुई, परन्तु 24 साल बीतने के बाद भी कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला। सभी अभियुक्तों को अदालत ने बरी कर दिया, जिससे मामला अनसुलझा रह गया।
परिवार और नागरिक समाज अब भी इस मामले की पुनः जाँच की मांग कर रहे हैं, यह तर्क देते हुए कि दो दशकों बाद भी जिम्मेदारियों का पता नहीं चल पाया है।