अपराध
2,000 लोगों को निशाना बनाया। मामले में 22 अक्टूबर 2026 को तीन ठिकानों पर छापेमारी कर 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि पांच अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
2,000 लोगों को निशाना बनाया। मामले में 22 अक्टूबर 2026 को तीन ठिकानों पर छापेमारी कर 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि पांच अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
गुजरात के राजकोट में आयुर्वेदिक दवाओं की बिक्री की आड़ में कथित ठगी और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, यौन क्षमता बढ़ाने वाली दवाएं बेचने का दावा करने वाले इस गिरोह ने करीब 2,000 लोगों को निशाना बनाया। मामले में 22 अक्टूबर 2026 को तीन ठिकानों पर छापेमारी कर 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि पांच अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए ग्राहकों से संपर्क करते थे और खुद को आयुर्वेदिक सेक्सोलॉजिस्ट या डॉक्टर बताकर उत्पाद बेचते थे। वे बिना जरूरी लाइसेंस और वैध दस्तावेजों के अपना कारोबार चला रहे थे। यौन क्षमता बढ़ाने वाले उत्पादों के अलावा विटामिन B12 से जुड़े उत्पादों का भी प्रचार किया जाता था।
जांच के मुताबिक, जब ग्राहक दवाओं का असर नहीं होने की शिकायत करते थे, तो आरोपी कथित तौर पर उन्हें ब्लैकमेल करने लगते थे। पीड़ितों को निजी वीडियो या अश्लील सामग्री उनके परिवार वालों को भेजने और उन्हें बदनाम करने की धमकियां दी जाती थीं। आरोप है कि इस तरह लोगों को डराकर उनसे पैसे वसूले जाते थे।
पुलिस के अनुसार, गिरोह लोगों का भरोसा जीतने के लिए आयुष मंत्रालय, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) जैसे सरकारी संस्थानों के फर्जी लोगो का इस्तेमाल अपनी वेबसाइट और विज्ञापनों में करता था। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए ग्राहकों को आकर्षित करते थे और ‘बेडरूमबॉस’ नाम की वेबसाइट के माध्यम से अश्लील सामग्री भेजकर उन्हें उत्पाद खरीदने के लिए राजी करने की कोशिश करते थे।
पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े तीन अलग-अलग कॉल सेंटरों की पहचान की गई है। पहला कॉल सेंटर मुख्य आरोपी बताए जा रहे खोडिदास मकाडिया द्वारा चलाया जा रहा था। आरोप है कि उसने अपने घर में कंप्यूटर लैब बनाई थी और बिना जरूरी लाइसेंस के लोगों को काम पर रखा था। दूसरा कॉल सेंटर अहमद रजा मुल्तानी और उसके साथियों द्वारा चलाया जा रहा था, जहां आरोपी खुद को डॉक्टर बताकर यौन क्षमता बढ़ाने वाले उत्पाद बेचते थे।
तीसरे गिरोह पर हार्दिक खंभला और उसके साथियों के शामिल होने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह फर्जी पहचान के जरिए ‘न्यूरो शक्ति प्लस’ नाम का उत्पाद बेचता था। छापेमारी के दौरान इस गिरोह से जुड़े आरोपी फरार हो गए, जिनकी तलाश की जा रही है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 5,16,700 रुपये कीमत के उपकरण जब्त किए हैं। इनमें 18 कंप्यूटर और लैपटॉप, 33 कीबोर्ड और माउस, 23 मोबाइल फोन, तीन ब्रॉडबैंड डिवाइस और अन्य सामान शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच भी शुरू कर दी है, ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क और पैसों के लेनदेन का पता लगाया जा सके।
पुलिस को आशंका है कि इस मामले में और लोग भी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और फरार संदिग्धों की तलाश जारी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए ग्राहकों से संपर्क करते थे और खुद को आयुर्वेदिक सेक्सोलॉजिस्ट या डॉक्टर बताकर उत्पाद बेचते थे। वे बिना जरूरी लाइसेंस और वैध दस्तावेजों के अपना कारोबार चला रहे थे। यौन क्षमता बढ़ाने वाले उत्पादों के अलावा विटामिन B12 से जुड़े उत्पादों का भी प्रचार किया जाता था।
जांच के मुताबिक, जब ग्राहक दवाओं का असर नहीं होने की शिकायत करते थे, तो आरोपी कथित तौर पर उन्हें ब्लैकमेल करने लगते थे। पीड़ितों को निजी वीडियो या अश्लील सामग्री उनके परिवार वालों को भेजने और उन्हें बदनाम करने की धमकियां दी जाती थीं। आरोप है कि इस तरह लोगों को डराकर उनसे पैसे वसूले जाते थे।
पुलिस के अनुसार, गिरोह लोगों का भरोसा जीतने के लिए आयुष मंत्रालय, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) जैसे सरकारी संस्थानों के फर्जी लोगो का इस्तेमाल अपनी वेबसाइट और विज्ञापनों में करता था। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए ग्राहकों को आकर्षित करते थे और ‘बेडरूमबॉस’ नाम की वेबसाइट के माध्यम से अश्लील सामग्री भेजकर उन्हें उत्पाद खरीदने के लिए राजी करने की कोशिश करते थे।
पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े तीन अलग-अलग कॉल सेंटरों की पहचान की गई है। पहला कॉल सेंटर मुख्य आरोपी बताए जा रहे खोडिदास मकाडिया द्वारा चलाया जा रहा था। आरोप है कि उसने अपने घर में कंप्यूटर लैब बनाई थी और बिना जरूरी लाइसेंस के लोगों को काम पर रखा था। दूसरा कॉल सेंटर अहमद रजा मुल्तानी और उसके साथियों द्वारा चलाया जा रहा था, जहां आरोपी खुद को डॉक्टर बताकर यौन क्षमता बढ़ाने वाले उत्पाद बेचते थे।
तीसरे गिरोह पर हार्दिक खंभला और उसके साथियों के शामिल होने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह फर्जी पहचान के जरिए ‘न्यूरो शक्ति प्लस’ नाम का उत्पाद बेचता था। छापेमारी के दौरान इस गिरोह से जुड़े आरोपी फरार हो गए, जिनकी तलाश की जा रही है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 5,16,700 रुपये कीमत के उपकरण जब्त किए हैं। इनमें 18 कंप्यूटर और लैपटॉप, 33 कीबोर्ड और माउस, 23 मोबाइल फोन, तीन ब्रॉडबैंड डिवाइस और अन्य सामान शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच भी शुरू कर दी है, ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क और पैसों के लेनदेन का पता लगाया जा सके।
पुलिस को आशंका है कि इस मामले में और लोग भी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और फरार संदिग्धों की तलाश जारी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका