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05 नव. 2026•
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1948 से जारी परंपरा को मिला नया संकल्प, छतरपुर रामलीला का विधिवत भूमि पूजन....
धर्म

1948 से जारी परंपरा को मिला नया संकल्प, छतरपुर रामलीला का विधिवत भूमि पूजन....

✍️ रिपोर्टर: Rajeev Kumar Sharma 🗓 20 सित. 2026, 05:38 PM 👁 391
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आठ दशक पुरानी छतरपुर रामलीला का भूमि पूजन, निगम पार्षद पिंकी नरेश त्यागी समेत गणमान्य अतिथि रहे मौजूद.....

नई दिल्ली, छतरपुर। वर्ष 1948 से निरंतर आयोजित हो रही छतरपुर की ऐतिहासिक श्रीरामलीला एवं विजयादशमी के आयोजन की तैयारियों का रविवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। रामलीला चौक वाली गली, छतरपुर में आयोजित भूमि पूजन समारोह में हवन-पूजन कर रामलीला के सफल आयोजन की मंगलकामना की गई। इस अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य अतिथियों के साथ इलाके की निगम पार्षद पिंकी नरेश त्यागी भी मौजूद रहीं और उन्होंने पूजा-अर्चना में भाग लिया।

करीब आठ दशकों से चली आ रही यह रामलीला आज छतरपुर की सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ सामाजिक एकता, भाईचारे और सर्वधर्म सद्भाव की मिसाल बन चुकी है। यूथ वैलफेयर ड्रामेटिक क्लब (पंजीकृत) द्वारा स्थानीय कलाकारों के सहयोग से आयोजित होने वाली इस रामलीला में भगवान श्रीराम के आदर्शों और मर्यादा के साथ समाज में प्रेम एवं सद्भाव का संदेश दिया जाता है।

रामलीला के आयोजन की जिम्मेदारी वर्तमान में क्लब के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार, उपाध्यक्ष विकास शर्मा, महासचिव मनीष सिलोटिया, कोषाध्यक्ष मुकेश कछवाया तथा निर्देशक शेखर कछवाया संभाल रहे हैं। क्लब के सह-निर्देशक वासिम खान हैं, जबकि सरदार हरप्रीत सिंह स्वयंसेवक के रूप में अपनी सेवाएं देते हैं। अलग-अलग समुदायों के लोगों की यह सक्रिय भागीदारी इस आयोजन को सामाजिक सद्भाव की खास पहचान देती है।

भूमि पूजन के साथ ही अब रामलीला मंचन की तैयारियों ने भी गति पकड़ ली है। आयोजकों का कहना है कि परंपरा और आधुनिक प्रस्तुति के समन्वय के साथ इस वर्ष भी रामलीला के माध्यम से श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।

1948 से जारी यह परंपरा आज भी छतरपुर में केवल रामलीला का आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाली सांस्कृतिक विरासत के रूप में अपनी पहचान कायम रखे हुए है।
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