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26 अक्टू. 2026•
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नौकरी

18,300 अग्निवीर चार साल की सेवा पूरी करने के बाद 31 दिसंबर

✍️ रिपोर्टर: Ajaruddin 🗓 26 अक्टू. 2026, 11:53 AM 👁 19
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18,300 अग्निवीर चार साल की सेवा पूरी करने के बाद 31 दिसंबर

अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती हुए पहले बैच के करीब 18,300 अग्निवीर चार साल की सेवा पूरी करने के बाद 31 दिसंबर तक सशस्त्र सेनाओं से बाहर हो सकते हैं। इन जवानों के सामने अब नए रोजगार की चुनौती होगी। हालांकि, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात और असम समेत कई राज्यों ने पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में अवसर देने की तैयारी की है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, पहले बैच में सेना, नौसेना और वायुसेना में कुल 24,400 अग्निवीर भर्ती हुए थे। इनमें करीब 19,000 थल सेना, 2,850 वायुसेना और 2,550 नौसेना में शामिल हुए थे। इनमें से लगभग 75 प्रतिशत अग्निवीर चार साल की सेवा पूरी करने के बाद सैन्य सेवा से बाहर होंगे। बाकी 25 प्रतिशत को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नियमित सेवा में शामिल होने का अवसर मिल सकता है।

हरियाणा सरकार ने पूर्व अग्निवीरों की नियुक्ति के लिए योजना तैयार की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि चार साल की सेवा पूरी करके लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकार में नौकरी देने की तैयारी की गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अग्निवीरों के पहुंचने पर नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।

महाराष्ट्र सरकार ने भी राज्य के निवासी 282 नौसेना अग्निवीरों को पुलिस में नियुक्ति पत्र जारी करने का आदेश देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस संबंध में जानकारी दी है।

असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार ने पुलिस कांस्टेबल और समान स्तर के पदों पर राज्य के स्थायी निवासियों में से पूर्व अग्निवीरों के लिए 12 प्रतिशत पद आरक्षित करने का फैसला किया है। वहीं, गुजरात सरकार ने राज्य पुलिस में अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत पद आरक्षित करने की घोषणा की है। राज्य सरकार के मुताबिक, इन पदों पर नियुक्ति के लिए लिखित परीक्षा से छूट देने का प्रावधान किया गया है।

केंद्र सरकार ने जून 2022 में अग्निपथ योजना शुरू की थी। इसके तहत साढ़े 17 से 21 वर्ष की आयु के युवाओं को चार साल के लिए सेना में भर्ती किया जाता है। निर्धारित नियमों के अनुसार, इनमें से 25 प्रतिशत तक अग्निवीरों को प्रदर्शन और अन्य मानदंडों के आधार पर नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है। बाकी जवान चार साल की सेवा पूरी करने के बाद सैन्य सेवा से बाहर हो जाते हैं।

पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राज्य पुलिस और अन्य सरकारी क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। केंद्र सरकार ने बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और असम राइफल्स में कांस्टेबल स्तर की भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण का प्रावधान भी घोषित किया है।

पहले बैच के अग्निवीरों की सेवा पूरी होने के साथ ही अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्र और राज्य सरकारों की रोजगार योजनाओं से कितने जवानों को नियुक्ति मिल पाती है
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