🔥 ट्रेंडिंग 249 ఓట్ల మెజారిటీతో జనసేన అభ్యర్థి ఘన... दिवाली पर दिल्ली का ए.क्यू.आई. 384 तक... मांसा में शव 24 दिन फ्रीजर में, पोस्टम... पैरा‑पावरलिफ्टर आशोक मलिक ने पीएम मोदी... पश्चिम बंगाल के अधिकारी ने महिलाओं के... मुजफ्फरपुर के बसघट्टा में दो बच्चों की...
08 नव. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা

15 जीविका दीदियों को मिला ई रिक्शा

✍️ रिपोर्टर: Awanish Kumar 🗓 08 नव. 2026, 07:45 AM 👁 16
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

मुजफरपुर जिला में 15 जीविका दीदियों को मिला ई रिक्शा

मुजफरपुर से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट

15 जीविका दीदियों को मिला अपना ई-रिक्शा, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम


महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके लिए स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने एक सराहनीय पहल की है। समाहरणालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बोचहां प्रखंड की 15 जीविका दीदियों को ई-रिक्शा उपलब्ध कराया गया। जिलाधिकारी कुमार गौरव और उप विकास आयुक्त निशांत सिहारा ने हरी झंडी दिखाकर ई-रिक्शा को रवाना किया। इस पहल से अब इन महिलाओं को न सिर्फ अपनी आमदनी बढ़ाने का अवसर मिलेगा, बल्कि वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर सकेंगी।


दरअसल, जिला प्रशासन, जीविका और सस्टेन प्लस आगा खान ग्राम समर्थन कार्यक्रम (भारत) के संयुक्त प्रयास से बोचहां प्रखंड की 15 महिला उद्यमियों को ई-रिक्शा वितरित किए गए हैं। इनमें 10 ई-रिक्शा यात्री परिवहन और 5 माल एवं अन्य वस्तुओं के परिवहन के लिए दिए गए हैं। इन महिलाओं का चयन पांच अलग-अलग संकुल स्तरीय संघों से किया गया है। सभी महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई है


इस पहल की खास बात यह है कि इनमें से कई महिलाएं पहले से ही ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं, लेकिन उन्हें किराये पर वाहन लेना पड़ता था। अब अपना ई-रिक्शा मिल जाने से उन्हें किराये के खर्च से राहत मिलेगी और आमदनी का बड़ा हिस्सा परिवार के काम आएगा। वहीं, जिन महिलाओं को ई-रिक्शा चलाने का अनुभव नहीं है, उन्हें इसके संचालन का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।




ई रिक्शा मिलने से इन महिलाओं के चेहरे पर खुशी और आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा है। किसी के पति दूसरे प्रदेश में मजदूरी करते हैं, तो कोई किराये पर ई-रिक्शा चलाकर परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही थी। अब अपना वाहन मिलने से उन्हें नियमित रोजगार और बेहतर आमदनी की उम्मीद जगी है। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ महिला उद्यमिता को भी नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है।
📲Get App