📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Benjamin Smith
विदेश
नई दिल्ली में 12वाँ ब्रिक्स पार्लियामेंटरी फोरम समाप्त
✍️ News On AIR
🗓 31 अक्टू. 2026, 12:56 AM
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12वाँ ब्रिक्स पार्लियामेंटरी फोरम आज नई दिल्ली में समाप्त हुआ, जिसमें पाँच सदस्य देशों के सांसदों ने बहुपक्षीय सहयोग पर चर्चा की।
नई दिल्ली ने गुरुवार को 12वें ब्रिक्स पार्लियामेंटरी फोरम के समापन सत्र की मेजबानी की, जिसमें ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के सांसदों ने एक हफ्ते तक विभिन्न बैठकों में भाग लिया। भारतीय संसद के तहत आयोजित इस फोरम ने व्यापार, प्रौद्योगिकी, जलवायु कार्रवाई और भू‑राजनीतिक स्थिरता जैसे मुद्दों पर विचार‑विमर्श का मंच प्रदान किया।
प्रतिनिधियों ने पैनल चर्चाओं और द्विपक्षीय मुलाकातों में भाग लेकर संसद स्तर पर कूटनीति को सुदृढ़ करने और विधायी प्राथमिकताओं को समन्वित करने का प्रयास किया। आयोजकों ने सतत विकास, डिजिटल परिवर्तन और सुरक्षा सहयोग जैसे क्षेत्रों में समन्वित कार्रवाई के महत्व पर बल दिया।
समापन समारोह में विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत की ब्रिक्स संसद संबंधों को गहरा करने की प्रतिबद्धता को दोहराया। फोरम अगले वर्ष किसी अन्य सदस्य देश में फिर से आयोजित होगा, और इसके परिणामों को व्यापक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के एजेंडा में शामिल किया जाएगा।
समग्र रूप से, यह कार्यक्रम ब्रिक्स ढाँचे में कार्यकारी स्तर की बातचीत को पूरक करने में संसद संवाद की भूमिका को सुदृढ़ करता है, जिससे उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग की दिशा में सकारात्मक संकेत मिलता है।
प्रतिनिधियों ने पैनल चर्चाओं और द्विपक्षीय मुलाकातों में भाग लेकर संसद स्तर पर कूटनीति को सुदृढ़ करने और विधायी प्राथमिकताओं को समन्वित करने का प्रयास किया। आयोजकों ने सतत विकास, डिजिटल परिवर्तन और सुरक्षा सहयोग जैसे क्षेत्रों में समन्वित कार्रवाई के महत्व पर बल दिया।
समापन समारोह में विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत की ब्रिक्स संसद संबंधों को गहरा करने की प्रतिबद्धता को दोहराया। फोरम अगले वर्ष किसी अन्य सदस्य देश में फिर से आयोजित होगा, और इसके परिणामों को व्यापक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के एजेंडा में शामिल किया जाएगा।
समग्र रूप से, यह कार्यक्रम ब्रिक्स ढाँचे में कार्यकारी स्तर की बातचीत को पूरक करने में संसद संवाद की भूमिका को सुदृढ़ करता है, जिससे उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग की दिशा में सकारात्मक संकेत मिलता है।