📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ashish itct
स्थानीय
कहवाई, त्रिपुरा में 100 महिलाओं ने कार्यकर्ता‑संचालित कचरा प्रबंधन से बनायें बिन‑फ्री शहर
✍️ The Better India
🗓 24 अग. 2026, 12:33 PM
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त्रिपुरा के कहवाई में सौ महिलाओं ने कार्यकर्ता‑संचालित कचरा प्रबंधन प्रणाली लागू कर शहर को बिन‑फ्री बना दिया।
त्रिपुरा के कहवाई में सौ महिलाओं ने मिलकर एक कचरा प्रबंधन पहल शुरू की, जिसमें सार्वजनिक बिन हटाकर कचरा संग्रहण कार्यकर्ता को सीधे जिम्मेदारी दी गई। महिलाओं ने नगर निकाय के साथ मिलकर सफाई कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया, घर‑दर‑घर संग्रह व्यवस्था स्थापित की और कचरे के स्रोत पर ही वर्गीकरण को बढ़ावा दिया। कुछ ही हफ्तों में सड़कों पर कचरा कम दिखने लगा और सार्वजनिक माहौल साफ़ हो गया। यह कार्यकर्ता‑संचालित मॉडल स्थायी स्वच्छता के लिए समुदाय की भागीदारी पर निर्भर है, जिससे अन्य छोटे शहरों में भी कम लागत में समान समाधान अपनाया जा सके।
स्थानीय स्वयं सहायता समूह के तहत गठित इस महिलाओं के समूह ने राज्य की योजनाओं से सीमित धन प्राप्त कर सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा गियर और बुनियादी उपकरण उपलब्ध कराए। स्कूलों और मोहल्लों में जागरूकता अभियान चलाकर जैविक और गैर‑जैविक कचरे को अलग करने की आदत पाई गई। घर‑दर‑घर संग्रहण से सार्वजनिक बिन की आवश्यकता घट गई, जो अक्सर कचरे के ढेर का कारण बनते थे।
स्थानीय सरकारी प्रतिनिधियों ने कहा कि बिन‑फ्री दृष्टिकोण न केवल सफाई में सुधार करता है बल्कि कचरा‑कामगारों को नियमित वेतन और प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार के अवसर भी प्रदान करता है। कहवाई की सफलता को त्रिपुरा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अन्य जिलों में विस्तार के लिए निगरानी में रखा है।
स्थानीय स्वयं सहायता समूह के तहत गठित इस महिलाओं के समूह ने राज्य की योजनाओं से सीमित धन प्राप्त कर सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा गियर और बुनियादी उपकरण उपलब्ध कराए। स्कूलों और मोहल्लों में जागरूकता अभियान चलाकर जैविक और गैर‑जैविक कचरे को अलग करने की आदत पाई गई। घर‑दर‑घर संग्रहण से सार्वजनिक बिन की आवश्यकता घट गई, जो अक्सर कचरे के ढेर का कारण बनते थे।
स्थानीय सरकारी प्रतिनिधियों ने कहा कि बिन‑फ्री दृष्टिकोण न केवल सफाई में सुधार करता है बल्कि कचरा‑कामगारों को नियमित वेतन और प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार के अवसर भी प्रदान करता है। कहवाई की सफलता को त्रिपुरा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अन्य जिलों में विस्तार के लिए निगरानी में रखा है।